Wednesday, September 28, 2016

ladkiyon mai vyapt bhay

आज के माहौल में
लड़कियों में भय व्याप्त है
अपनी सुरक्षा के प्रति
विवाह के पश्चात का ,
सॉस माँ दहेज़ के ताने देगी
ससुर कुछ बोल ना सकेंगे
जीवन संगिनी के सम्मुख
माहौल खराब हो जाएगा
पति को रहना है घर में
मातृ ,पितृ ऋण है  शीश पर
 यतीम विरोध ना कर सकेगा
क्योँकि वो ऋणी हैं उनका
वो विरोध करेंगी किसी बात पर
तो उनको छेत दिया जाएगा
या घर से निकाल दिया जाएगा
या फिर अग्नि में भुरसा जाएगा
साल छह माह ऐसे ही चलेगा
या मायके भेज दिया  जाएगा
कुछ दिन आपस में बातें चलेंगी
और फिर तलाक दे दिया जाएगा ।

Tuesday, September 6, 2016

ek kataksh hamare shantipriya P M Modi ji

हमारा देश बहुत ही शांति प्रिय उनकी है ,यहाँ के बाशिंदे भी बहुत शांति संयम रखने वाले हैं ,जिधर भी निगाहें घुमाओगे आपको शांति शांति नजर आएगी ,देश में महंगाई कितनी ही बढ़ जाये चाहे हम लोग भूख से तड़फते रहें पर शांति नहीं छोड़ते ,चाहे जम्मू कश्मीर में पिछले २ माह से कुछ भी हो रहा पर शांति तो है ना ,उसके बावजूद भी हम धरा ३७० को नहीं छेड़ सकते क्योँकि विश्व शांति दूत का पुरस्कार लेना है ,पाक हमारे कितने ही सैनिक मार दे पर हम उफ़ नहीं करते हां कभी कभार हम भी उनके २ या ४ सैनिक तो मार  ही देते हैं फिर भी शांति तो है ही ,अयोध्या मंदिर इसीलिए नहीं बना सकते क्योँकि बिना कारण के ही पता नहीं कितने हिन्दू मुस्लिम भाई मर जायेंगे ,इसलिए शांति ही ठीक है वैसे भी ये मंदिर मुद्दा उत्तर प्रदेश में चुनावों में भी काम आ जाएगा ,"मन्दिर जरूर बनाएंगे पर तारीख नहीं बताएँगे ," बाहर से कला धन हम लाये या नहीफिर भी शांति तो हैं ना वैसे भी पैसा ही सब लड़ाई झगड़ों की जड़ है इसलिए ना आने से शांति तो है ,और इस सभी प्रकार की शांति के लिए हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी धन्यवाद के पात्र हैं जिसे वो शांति पूर्वक मूक रहकर बड़ी शांति से अपना कर्तव्य निभा रहे हैं ,पिछले ७०  वर्षों के शासन  को पहला प्रधानमंत्री मिला है जो कभी भी विचलित न होकर कपडे सिलवाने और विदेशों में घूमने में अपना समय  बढ़ने में बहुत माहिर हैं ,वास्तव में अब तो उनको विश्व शांति पुरुस्कार मिलना ही चाहिए  ।

Sunday, September 4, 2016

mrtika

जिससे तू बना है
उसी में मिल जाएगा
और यही कहानी तू
बार बार दोहराएगा ,
उसी का खिलौना है तू
खिलौना बनकर रह जाएगा
दुनिया खेलेगी तेरे साथ
और एक दिन टूट जाएगा ,
गुमान भरा होगा तुझमे
पर तू उसे पचा नहीं पायेगा
संसार को रौंदता हुआ
मनमानी करता ही जाएगा ,
जिसको भी देखेगा
उसी में मेरा स्वरूप पायेगा
बुद्धिनाश होने के कारण
कुछ भी  समझ नहीं पायेगा ,
बिना मेरे  अस्तित्व के
जीवित ही न रहने पायेगा
क्योँकि उदरपूर्ति करने हेतु
 मुझसे ही मिल पायेगा ,
सार्वभौम बन जाने पर
तू अति हर्षित होता जाएगा
और अपने पदों से मुझे कुचल
मेरा अस्तित्व नहीं जान पायेगा ,
फिर एक दिन ऐसा भी आएगा
जब प्रकृतिबद्ध होने के कारन
पंचतत्व  में विलीन होकर 
उसी स्थान पर पहुँच जाएगा

(मृतिका )
 

Friday, September 2, 2016

roti

कुछ जन मुझे
इधर उधर कँही पर भी
फेंक देते हैं ,
चाहे मैं कुचली जाऊं
किसी के पैरों के तले
अथवा गिर पडूँ
गंदगी के ढेर पर ,
शायद वो सोचते हैं
कि मैं अस्तित्व हीन हूँ
या उनको मेरी अब
कोई आवश्यकता ही नहीं है ,
क्योँकि की ये सब
किया जाता है
उदरपूर्ति करने के पश्चात् ,
परन्तु वो नाहिं जानते
कि मुझे इस मुकाम पर
पहुँचने के लिए
ना जाने कितने हाथों ने
जी तोड़ परिश्रम  किया होगा ,
अथवा आँखों ही आँखों में
नींद भर कर सो लिया होगा
कोई गरीब मजदूर
या कोई भुखमरी की
कगार पर पहुंचा हुआ किसान ,
तब कहीं छह माह के उपरान्त
मेरा प्रवेश उसके
द्वार पर हुआ होगा ,
कितना प्रसन्न हुआ होगा
प्रफुल्लित हुआ होगा
सम्पूर्ण नींद भर के
सोया होगा दिवा स्वप्नों की छाँव में ,
तब कहीं किसी शुभ दिन पर
मुझे पूजकर  , पवित्र कर
पंडित से देवों को अर्पण करा
गृह लक्ष्मी ने
मुझे ये स्वरूप दिया होगा
तब कहीं इन जैसे भक्तों के हाथ से
उदर पूर्ती होने के पश्चात
मेरा ये हश्र किया होगा
यदि एक दिन भी मैं
किसी को ना मिलूं
और सम्पूर्ण दिन वो मेरे हेतु
तड़फता रहे फड़फड़ाता रहे
तभी वो जान पायेगा
कि मेरा अस्तित्व क्या है  ?

(मैं मात्र एक रोटी हूँ )

Friday, August 5, 2016

YATHARTH

दरअसल अमेरिका के भूतपूर्व राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन एक गरीब और मोची परिवार से थे ,जब उनको  पहली बार सीनेट में भाषण देने के लिए बुलाया गया और वो भाषण देने को खड़े हुए ,अभी पहला वाक्य ही बोला था की एक सज्जन खड़े हुए और बोले ,अबे ओ मोची के ,और जिस आदमी ने बोला तो सीनेट में मौजूद सभी व्यक्तियों की गर्दन और आँखें उस व्यक्ति की और मुड़  गईऔर सभी ने उस व्यक्ति को लगभग घूरते हुए देखा ,परन्तु लिंकन साहब ने सभी मौजूद व्यक्तियों को कहा कि आप सभी बैठ जाइये और उन साहब को बोलने दीजिये ,जो कुछ भी वो कहना चाहते हैं ,वो बहुत अच्छे और नेक व्यक्ति है और एक सत्यवादी इंसान भी ,उन्होंने जो भी कुछ अभी बोला "वो वास्तव में सत्य है " वास्तव में मैं एक मोची का ही बेटा हूँ इस बात के लिए उस पर गुस्सा मत   कीजिये ,वास्तव में उन्होंने मुझे आइना दिखाया है ताकि मैं  कुछ  बनने के पश्चात अपनी ओकात ना भूल जाऊं
और इतना कहने के पश्चात उस व्यक्ति को लिंकन साहब ने अपने पास बुलाया और उसका धन्यवाद भी किया ,
बस ये ही बात ,ये ही सच्चाई , मौजूदा व्यक्तियों के दिल में घर कर गई और वोव्यक्ति उनका व्यवहार देखकर उसी दिन उनको चरणों में गिर गया और अपनी करतूत पर माफ़ी  मांगी ,और उसके बाद लिंकन साहब अमेरिका के राष्ट्रपति बन गए ।
तो कहने का तातपर्य है भाई हम लोगों में सच्चाई सुनने की आदत होनी चाहिए, मुंह ना मोड़ें ,हमको लिंकन साहब जैसे महानुभावों  के विचारों से कुछ सीखने चाहिए ,तभी हम लोग उन्नति कर सकते हैं
पर हमारे देश के नेताओं में ये सब कुछ कहाँ वो तो नेता बनते ही हवा में उड़ने लगते हैं, जाति तक बदल लेते हैं इंसान को इंसान नहीं समझते, जनता पर अत्याचार करने लगते हैं ,जो मुंह में आया बक देते हैं ,


 

Monday, August 1, 2016

aalochnaa

यदि कोइ आपकी आलोचना करता है तो परेशान मत होइए बल्कि खुश होइए क्योँकि आप में कुछ तो है जो लोग आपकी आलोचना कर रहे हैं ,वरना " लोग तो मरे हुए कुत्ते को भी लात नहीं मारते ।"
यदि आज मोदी जी  आलोचना हो रही है तो कुछ ना कुछ तो उस व्यक्ति में या उसके व्यक्तित्व में जरूर है ।
और यदि कांग्रेस और भाजपा पार्टीस केजरीवाल जी की आलोचना करते हैं तो इससे भी यही ज्ञात होता है कि   केजरीवाल जी में कुछ ना कुछ तो है जो आज देश की सबसे बड़ी दोनों  पार्टीस आलोचना कर ,रही हैं या भयभीत हैं अपने भविष्य को लेकर ,वार्ना तो वही पहली बात वार्ना" लोग मरे कुते को भी लात नहीं मारते "

doshi koun

नोएडा के जिस परिवार के साथ शाहजहां पुर अर्ध रात्रि में जाते हुए जो दर्दनाक घटना घाटी क्या ? यदि ये परिवार दिन के उजाले में शाहजहां पुर जाता  तो क्या ये दर्दनाक घटना फिर भी घटती या नही,? मैं सभी फेस बुक मित्रों से पूछना चाहता हूँ ,क्या अर्ध  रात्रि में नोएडा से शाहजहां पुर जाना और वो भी २ स्त्रयां और एक लड़की को लेकर ,बिना किसी हथियार के और वो भी बुलंदशहर जैसे इलाके से गुजरना जहाँ दिन में भी इस प्रकार के अपराध घटित होते रहते हों ,जरा सोचिये इस सबके हेतु सबसे बड़ा दोषी कौन है ,
सपा सरकार
या पुलिस
अथवा ये जाने वाला परिवार