Wednesday, May 16, 2018

DHOKHEBAAJ


धोखेबाज ,कमीने
आज देश के नेता
जो कुछ भी कर रहे हैं
संसद में पहुँचने हेतु
मान मर्यादा तज  रहे हैं ,
सौ करोड़ पाने हेतु
पाला बदल रहे हैं
जिनको गालियां देते थे
आज उनको आका कह रहे हैं,
बेशर्मी की चादर ओढ
वोटर को धोखा दे रहे हैं
वोट मांगी थी कांग्रेस हेतु
भाजपा में शामिल हो गए हैं, 

chhate hue hain bhaiyo ham

हमारा क्या मुकाबला ,कौन करेगा हमसे

देखो भाई हम तो छटे हुए बेईमान है जिसमे जो करना है कर लो ,हमने अब २०५० तक राज्य करना है ,चाहे कैसे ही भी करें ,शाम दाम दंड भेद सब अपनाएंगे
वैसे भी प्यार और पॉलिटिक्स में सब जायज है

कर्नाटक में हमने बेईमानी कहाँ की है ?

प्रिय देश वासियो
हमने कर्नाटक में कोई खास बेईमानी तो नहीं की ,मात्र ८ %
यदि आपने हमारी बेईमानी का % देखना है तो
गोवा में देखो १४० %
पॉन्डिचेरी में  ८० %
मेघालय में भी लग भाग ६० %
उत्तराखंड में तो १०० % ही समझो
जम्मू कश्मीर में ४० %
उत्तर प्रदेश  में भी २५ %
बिहार में तो  हमने रिकॉर्ड ही तोड़ दिया
दिल्ली और पंजाब   में हम कर नहीं पाए
ये तो कुछ भी  नहीं  है अपनी प्रतिभा का लोहा तो हम आपसे २०१९ के लोकसभा चुनाव में मनवाएंगे | 

Tuesday, May 15, 2018




चोर डाकू लुटेरे भी अपनी मर्यादाओं को समझते हैं परन्तु आप ,मर्यादा या गरिमा को नहीं समझते, यही देश का दुर्भाग्य है  

SEEMA TOD DEE



कर्नाटक में भी मोदी जी और अमित शाह ने बेशर्मी  की सभी सीमाएं तोड़ दी ,लोकतंत्र को मजाक बना कर रख दिया,  कुछ शर्म करो सम्पूर्ण संसार देख रहा है एक दिन पूरा संसार हमारे ऊपर थूकेगा  

NO NEED OF ELCTION


चुनाव ही क्योँ ?
जब आदरणीय हिटलर मोदी और सहयोगी अमित भैया ने यही सब नाटक कर्नाटका  में करना था तो फिर चुनाव ही क्योँ करवाए  और काहे १० हजार करोड़ रुपया खर्च करवायें ,क्या ये पैसा इनके ताऊ का था ,अरे वैसे ही राजयपाल को कहकर राष्ट्रपति शासन लगवा लेते और फिर आप ही राज करते क्योँकि राष्ट्रपति ने तो आपको ही कहना था क्योँ कि वो भी आपके ही हैं ,ये लोकतंत्र का दिखाववा बंद करो और अपनी हिटलर शाही के नमूने दिखाओ ,कोई तुम्हारा क्या कर लेगा ,
जय हिन्द ,जय भारत 

sher


शेर
तुमने ,मेरा हाल देखकर
खूब कह कहे लगाए हैं
मैं तुम्हारा फटा हाल देख
शायद रो भी ना पाऊँगा 

Sunday, May 13, 2018

B B C REPORT


 ब्रिटश ब्रोडकासिंग की रिपोर्ट
देश के हालत बहुत ख़राब ,बैंक्स का सम्पूर्ण पैसा देश के उद्योगपतियों पर ,आने के आसार नहीं ,क्योँकि  एन पी ऐ  हो चुके हैं बड़े बड़े उद्योगपतियों के खाते ,ये वो कहते हैं जिनका पैसा आना ,यानी बैंक्स को मिलना मुश्किल  बैंक्स की हालत खराब ,युवा बेरोजगारी से कुछ भी करने को लाचार ,हजारों मध्यम दर्जे के उद्योगपति देश छोड़ कर चले गए ,देश में रिसेसन पीरेड शुरू ,नोटबंदी और जी एस टी का फैसला महंगा पड़ा मोदी सर्कार को ,देश को ,मोदी जी संभाल नहीं पा रहे हैं ,दूसरा कारण है उनके पास सही टीम का ना होना
ऐसा नहीं की मोदी जी काम नहीं करना चाहते वो कोशिश तो कर रहे हैं परन्तु अब हालत बद  से बदतर हो चुकें हैं स्तिथि संभाल में नहीं आ रही ओद्योगिक दर  दिन प्रतिदिन गिरती जा रही है
 २०१९ में मोदी जी का आना भी असंभव ,क्योँकि हालत पर अब वो १ साल में काबू नहीं कर पाएंगे  ,वो भी ये बात भली भांति जानते हैं |